आज भारत का आम बजट पेश हो गया.मैंने अभी पुरी तरह से bajat देखा नही पर जहा तक देखा वहा तक पर्यावरण से सम्बंधित कुछ भी नही दिखा.मुझे ऐसा लग रहा है की इस बार भी हमारे पर्यावरण की फ़िक्र नही है.हमारी धरती गर्म हो रही है और हमारे वित्त मंत्रीयो को मिसकी भनक तक नही है.हमारे नेताओ का दिमाग ठंडा हो रहा है और धरता तपते जा रही है.इस बजट मई भी वाही किसी गरीब को न समझ मई आने वाले आंकडे जैसे की जीडीपी ६.७%,भारी भरकम पैसा,इत्यादि कथन सुनने को मिले."हम २०१४ तक गरीबी आधी करेंगे "मतलब गरीबी को ख़त्म नही करना है बस आधी करना है.ऐसे बजट का क्या अर्थ जिसे को गाव मई रहने वाले मजदूर न समझ सके और ये कहना की ये बजट आम आदमी का है क्या यह सही है???
जय हिंद.
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