कल राहुल बाबा की चमचाई राहुल बाबा को ही महँगी पड़ गयी.उ.प्र. कांग्रेस प्रमुख का बयां देखकर तो मुझे काफी हँसी आई उन्होंने ने तो और चमचो की तरह चमचाई की यही पर यहाँ तो अपना चम्मच गले में उतर गया और कर गया पूरा गला खराब.कल राहुल गाँधी का दौरा आज उनके लिए बड़ा सिरदर्द लाया पायलट पर दबाव डालकर जबरन अँधेरे व झाड़ वाली जगह पर अपना हेलीकाप्टर उतरवाने का मामला तूल पकड़ गया वह भी उनके ही एक कम दिमाग नेता के कारण उनके शब्द तो उन्ही के लिए घातक साबित हो गए बहुगुणा जी ने सोचा की चमचई करके शायद केंद्र में स्थान मिल जाएगा पर अपना तीर तो अपने ही को लग गया पर राहुल बाबा के बयानों को देखकर तो लगता है की गलती न पायलट की थी और न ही उनकी ये तो रीता जी थी जिन्होंने गर्रिब व भोले लोगो के लिए दिए एक बयान मे कहा की''० विसिबिलिटी होते हुए भी जनता की किया गया वादा पूरा करने के लिए एक नेता ने पायलट को कहकर अपना हेलीकाप्टर उतरवा दिया'' अब इस चमचाई का रीता जी को क्या इनाम मिलता है ये देखना तो बहुत मजेदार रहेगा .
एक दिन यही चमचे कांग्रेस को ले डूबेगी और गांधी परिवार द्वारा कड़ी की गयी कांग्रेस उन्ही के ही लोगो द्वारा गिरा दी जायेगी.पहले भी गाँधी परिवार के कई सदस्यों ने पार्टी में आये है पर राहुल बाबा के नाम की जो चमचाई देखने को मिली वह तो अदभूत है गाँधी परिवार के किसी भी सदस्य को इतने चमचे नहीं मिले होंगे जितने की राहुल बाबा को.यदि जल्द ही इन चमचो को सजा नहीं दी गयी तो कांग्रेस की बरबादी को कोई नहीं रोक सकता
एक और बात जो मे बताना चाहता हु वो ये की मेरे राज्य मे निगम व पंचायत चुनाव हो रहे है.टिकट के लिए यहाँ की कांग्रेस मे रोज मारपीट हो रही है कल ही एक महिला अपनी दावेदारी को लेकर आत्महत्या तक करने की बात पर उतर आई. उसका आरोप था की वह अपने वार्ड की सही दावेदार है, उसने १.५ लिटर की बोतल मे मिटटी तेल लिया उसकी भी मात्रा भी लगभग उसके तल के आसपास थी थोडा सा मिट्टी तेल लेकर उसने आत्महत्या करने की बात कही, पर बाद मे मामला निपटा लिया गया और उसे टिकट भी नहीं मिला.छात्र राजनीति मे अक्सर एक नारा लगता जय''अभी तो ली अंगड़ाई है आगे बहुत लड़ाई है''यहाँ इस नारे का एक आधुनिकतम रूप सामने आया''अभी तो ली अंगड़ाई है कल परसों पिटाई है'' यह नारा भी कांग्रेसियों के तरफ से आया है .यहाँ कांग्रेस एक वार्ड से उम्मीदवार का नाम तय करते है और अगले ही दिन उसके ही विरोध में कांग्रेसी सैकड़ो कांग्रेसी आ जाते है. दावेदारी को लेकर कांग्रेस में बहुत मारामारी है आज ही जब में अपने कॉलेज से लौट रहा था तो देखा की कांग्रेस के वरिष्ट नेता ''स्व.पंडित श्यामाचरण शुक्ल'' के पुत्र ''अमितेश शुक्ल'' के घर दावेदारों की भीड़ थी मैंने कभी भी उनके घर का दरवाजा बंद नहीं देखा पर आज उनके घर का दरवाजा बंद था.भाजपा मे यह सब कम है यहाँ पर जो दावेदार तय होता है उसका विरोध कम जगह देखने को मिलता है या होता ही नहीं है.भाजपा ने अपनी सूचि दो दिन पहले जारी कर दी है पर कांग्रेस की सूचि का अत पता नहीं है.
भगवान बचाए ऐसे राजनीतिज्ञों से......
जय हिंद.......
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