वर्ष का अंत हो रहा है काफी कुछ उपलब्धि व बहुत कुछ नुक्सान के साथ ये वर्ष हमसे विदाई ले रहा है और इसी विदाई के साथ पुरस्कारों की शुरुआत भी हो गयी है आजकल मनोरंजन चेनलो के साथ साथ समाचार बेचने वालो ने भी पुरस्कार देना शुरू कर दिया है.इन लोगो के द्वारा किसी को पुरस्कार दिया जाए न दिय जाए परन्तु ''भारतीय सेना'' को ज़रूर पुरस्कार दिया जाता है क्या हमारी सेना पुरस्कार के लायक है?हमारी सेना इन सबसे ऊपर है उसे किसी पुरस्कार की आवश्यकता नहीं है.ज़बरदस्ती लोगो की भावनाओ के साथ खेलकर ये पुरस्कार वितरित किये जाते है और अछि खासी कमी भी हो जाती है कितने चेनल वाले ऐसे है जो इस कमाई को दान देते है.कई पुरस्कार तो सिर्फ लोगो को याद दिलने के लिए दिए जाते है और इन समारोहों मे हमारी सरकार के कई बड़े मंत्री उपस्थिति दर्ज करवाते है.मेरे राज्य के मुख्यमंत्री को भी एक चेनल वालो ने उम्मीदवार बनाया है उनको जितने के लिए यहाँ पर बाकायदा टी,वी. व रेडियो पर लोगो से एस एम एस करने की अपील की जा रही है इस अपील से चेनल वालो को कितना फायदा होगा ये तो सोचने की बात है.हमे ये कभी नहीं भूलना चाहिए की भारत का हर निवासी ''INDIAN OF THE YEAR'' है .ये हमारी भूल है की हम किसी एक व्यक्ति को ही चुनते है.
जय हिंद....
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